Vyakaran Kise Kaha Jata Hai 2021

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Vyakaran Kise Kaha Jata Hai
Vyakaran Kise Kaha Jata Hai

Vyakaran Kise Kaha Jata Hai 2021: दोस्तों इस लेख के माध्यम से हम हिंदी व्याकरण से जुड़े महत्वपूर्ण जानकारियों को आपके सामने लेकर आए हैं। इस लेख को पढ़ने के बाद विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को आसानी से सुलझा सकते हैं जो आपके परीक्षा के लिए भी अत्यंत उपयोगी है। व्याकरण किसे कहा जाता है? (Vyakaran Kise Kaha Jata Hai) इस विषय को लेकर बच्चों के साथ-साथ बड़े लोगों को भी काफी समस्या होती है कि वास्तव में व्याकरण की परिभाषा क्या है। तो आइए जानते हैं व्याकरण का शाब्दिक अर्थ क्या है इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे में :-

व्याकरण किसे कहा जाता है – Vyakaran Kise Kaha Jata Hai

Vyakaran Kise Kaha Jata Hai
Vyakaran Kise Kaha Jata Hai

व्याकरण की परिभाषा

जिसमें भाषा को शुद्ध करने वाले नियमों का बोध हो उसे व्याकरण कहते हैं। व्याकरण एक ऐसा तरीका है, जिससे किसी को भाषा को शुद्ध तरीके से बोला, पढ़ा और लिखा जा सकता है। किसी भी भाषा को बोलने, पढ़ने एवं समझने के लिए नियम बने होते हैं। अगर भाषा की शुद्धता को सुंदर बनाए रखना है, तो इन नियमों का उचित तरीके से पालन करना होगा। जिसमें भाषा को शुद्ध करने के नियम बताए जाते हैं, उस भाग को व्याकरण कहते हैं।

हिंदी भाषा में व्याकरण की क्या आवश्यकता है?

भाषा के अध्ययन के लिए व्याकरण बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हम यूं कह सकते हैं कि व्याकरण का सही ज्ञान होने के बाद ही आप अपनी भाषा में सही वाक्य का प्रयोग कर सकते हैं। हिंदी भाषा में व्याकरण की विशेष एवं महत्वपूर्ण आवश्यकता है। किसी भी भाषा के अंग प्रत्यंग का जब विश्लेषण किया जाता है तो उसने व्याकरण का प्रयोग होता है। व्याकरण के आदेश से कोई भाषा नहीं चलता फिरता अपितू भाषा की स्थिति को प्रकट करने में सहायता करता है।

व्याकरण को दूसरी भाषा में शब्दानुशासन भी कहते हैं। यहां बताया जाता है कि किस शब्द को किस तरह से और कहां प्रयोग करना चाहिए। व्याकरण का ज्ञान होने पर ही भाषा शैली को और भी बेहतर बनाया जा सकता है। इस प्रकार हम देख सकते हैं कि हिंदी व्याकरण भाषा में कई महत्वपूर्ण सुधार किए जा सकते हैं।

व्याकरण कितने प्रकार के होते हैं?

व्याकरण मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते है, जो निम्नलिखित हैं-

  1. वर्ण या अक्षर,
  2. शब्द
  3. वाक्य।
Vyakaran Kise Kaha Jata Hai
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  1. वर्ण या अक्षर- व्याकरण के क्षेत्र में वर्ण या अक्षर का एक महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसके बिना शब्दों का निर्माण नहीं होता जिससे वाक्य नहीं बन पाते। वर्ण या अक्षर की परिभाषा के तौर पर हम कह सकते हैं कि भाषा की सबसे छोटी इकाई जिन्हें खंडों में नहीं बांटा जा सकता उन्हें वर्ण या अक्षर कहा जाता है। शब्द निर्माण के लिए यह सबसे छोटी इकाई होती है। देवनागरी लिपि के अनुसार लिखित ध्वनि संकेतों को भी वर्ण कहा जाता है। देवनागरी लिपि में प्रत्येक ध्वनि के लिए एक एक वर्ण होता है। यह मूल शब्द होता है और इसके खंड नहीं किए जा सकते। जैसे- अ, ब, स, द इत्यादि। अतः हम कह सकते हैं कि वर्ण अथवा अक्षर व्याकरण के तीन महत्वपूर्ण प्रकारों में से एक हैं।
  1. शब्द- व्याकरण के दूसरे एवं महत्वपूर्ण प्रकार में शब्द को शामिल किया गया है। शब्द की परिभाषा के तौर पर हम कह सकते हैं कि वर्णों के उस मेल को शब्द कहा जाता है, जिसका कोई अर्थ हो। जैसे – फल, भवन, भोजन, वस्त्र आदि। एक या एक से अधिक वर्णों से बनी हुई इकाई को भी शब्द कहा जाता है।

जैसे- कुछ ऐसे शब्द जो वर्ण से निर्मित होते हैं जैसे न (नहीं), व (और) और अनेक वर्ण द्वारा निर्मित शब्द कमल, शरम, मेला इत्यादि। भारत के संस्कृति में शब्द को ब्रह्म की उपाधि दी गयी है। एक से ज्यादा शब्द मिलकर पद बनाते हैं। शब्द व्याकरण के एक ऐसे प्रकार हैं जिससे वाक्यों की रचना होती है और भाषा को एक नया रूप मिलता है।

  1. वाक्य– अनेक शब्दों से मिलकर एक वाक्य का निर्माण होता है। यह शब्द मिलकर किसी अर्थ का बोध कराता है। दो या दो से अधिक शब्दों के समूह को भी वाक्य कहते हैं। वाक्य का अर्थ पूरा होने के लिए सटीक शब्दों का उपयोग होना चाहिए अन्यथा उसका अर्थ नहीं निकलता। जैसे- वे लोग घूमने जाते हैं, प्रेम सिनेमा जाता है, परिवार के साथ भोजन कर रहा है आदि।

व्याकरण किसे कहा जाता है? (Vyakaran Kise Kaha Jata Hai)में हम व्याकरण शब्द के खंड एवं इसके अतिरिक्त व्याकरण के नियमों के आधार पर आने वाले शब्दों की जानकारी देने वाले हैं, जो निम्नलिखित हैं-

व्याकरण के नियमों के अनुसार शब्द निम्नलिखित दो प्रकार के होते है – विकारी और अव्यय। हिंदी व्याकरण के क्षेत्र में विकारी शब्दों को चार भागो में विभाजित किया गया है, जो कि इस प्रकार है-

  1. संज्ञा
  2. सर्वनाम
  3. विशेषण
  4. क्रिया

संज्ञा: किसी जाति, स्थान, व्यक्ति का नाम बताने वाले शब्दों को संज्ञा कहते है। जैसे मोहन, यमुना, हाथी आदि।

सर्वनाम- संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते है। जैसे हम, आप, तुम, वह आदि।

विशेषण- संज्ञा अथवा सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण के नाम से जानते है। जैसे काला, सफ़ेद, सुंदर आदि।

क्रिया– किसी कार्य के होने का बोध कराने वाले शब्द को क्रिया कहते है। जैसे सोना, पढ़ना, लिखना आदि।

अविकारी शब्द– अविकारी शब्द के भी चार प्रकार होते है।

क्रिया विशेषण-जब किसी क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्दों को क्रिया विशेषण कहते है। जैसे मोहन बहुत तेज चलता है। रवि मोहन की तुलना में कम पढ़ता है। इन दोनों ही वाक्यों में तेज और कम शब्द क्रिया विशेषण कहलायेंगे।इस तरह से इन सभी को मिलाकर शब्द के आठ भेद होते है, जो व्याकरण की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाते हैं।

निष्कर्ष

इस लेख में हमने व्याकरण किसे कहा जाता है? (Vyakaran Kise Kaha Jata Hai 2021) से जुड़े सभी प्रमुख विषयों को कवर किया है, जिसकी सहायता से आप व्याकरण के विषय में संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हम आशा करते हैं कि हिंदी व्याकरण से संबंधित सभी प्रश्न के उत्तर आपको मिल गए होंगे। दोस्तों यदि यह पोस्ट आपको अच्छी लगी तो अपने मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें ताकि हिंदी व्याकरण से संबंधित सभी जानकारियों से वह अवगत हो सके।

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