NDC Full Form। NDC क्या है। Full Details In Hindi 2021

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NDC Full Form:
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NDC Full Form:  दोस्तों यदि आप NDC अर्थात राष्ट्रीय विकास परिषद के बारे में संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए सबसे बेहतर है क्योंकि इसमें हमने कई महत्वपूर्ण पहलुओं का जिक्र किया है जो राष्ट्रीय विकास परिषद से संबंधित है।

इसके अलावा इस लेख के माध्यम से आप राष्ट्रीय विकास परिषद के उद्देश्य एवं इसकी संरचना का भी विशेष अध्ययन करेंगे। यदि आप राष्ट्रीय विकास परिषद के बारे में जानने के इच्छुक हैं, तो आइए जानते हैं कि राष्ट्रीय विकास परिषद अर्थात National Development Council क्या है। इस लेख में राष्ट्रीय विकास परिषद के उद्देश्यों का विस्तृत वर्णन किया गया है, जिसके माध्यम से देश की उन्नति एवं सरकार द्वारा बनाई गई योजनाओं का विशेष ज्ञान उपलब्ध होगा।

NDC Full Form क्या है ? 

राष्ट्रीय विकास परिषद (National Development Council )देश को उन्नति के मार्ग में ले जाने के लिए सरकार बहुत सारी योजना बनाती है जो हर तरीके से आम लोगों के फाइदा पहुंचा सके इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाते है लेकिन कुछ रुकावटों और दूरदर्शिता में या फिर किसी अन्य कारणों में कमी की वजह से ये योजनाएं पूर्वनिर्धारित लक्ष्य के मार्ग से भटक जाती है और अपना सम्पूर्ण लाभ नहीं पहुंचा पाती है और राज्य भी योजनाओं में कोई समर्थन नहीं करते थे। इसी कारण सरकार ने राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन किया जिसके बारे में हम विस्तार से जानेंगे।

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राष्ट्रीय विकास परिषद क्या है ?

राष्ट्रीय विकास परिषद पंचवर्षीय योजना के बारे में निर्णय लेता है। योजना के निर्माण में राज्य सरकार की भागीदारी होनी चाहिए। सरकार के इस बात को स्वीकारते हुए एक प्रस्ताव के द्वारा 6 अगस्त, 1952 ईस्वी को इस परिषद का गठन हुआ था।
राष्ट्रीय विकास परिषद एक कार्यकारी निकाय है। यह ना ही संवैधानिक निकाय है और ना ही सांविधिक निकाय है। यह देश में होने वाली पंचवर्षीय योजनाओ को अनुमोदन करता है। इस परिषद में देश का प्रधानमंत्री इसका अध्यक्ष होता है और साथ ही साथ मंत्रीमंडल के सभी मंत्री सहित राज्यों के भी मंत्री इसके पदेन सदस्य होते है।

 राष्ट्रीय विकास परिषद के क्या कार्य होते है ?

राष्ट्रीय विकास परिषद के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए निम्नलिखित कार्य होते है जिसका उल्लेख इस प्रकार है :-

राष्ट्रीय योजना को बनाने के लिए उनके दिशा-निर्देशो का निर्धारण करना ताकि योजना सही तरीके से काम कर सके और सामान्य मनुष्य तक लाभ को पहुंचा सके।

> राष्ट्रीय योजना बनाते समय सही तरीके से विचार विमर्श करना ताकि बाद में किसी भी तरह की कोई चूक ना हो सके।
> योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए सभी संसाधनों को उपलब्ध करवाना या अपने सुझावों द्वारा इसे सभी लोगों के लिए आसान बनाना।
> राष्ट्रीय विकास को प्रभावित करने वाले सभी सामाजिक और आर्थिक नीतियों पर सटीक तरीके से विचार विमर्श करना ताकि यह नीतियां आगे चलकर अनुपयुक्त ना हो जाए।
> परिषद का यह भी कार्य है कि वह समय-समय पर राष्ट्रीय योजनाओं द्वारा क्रियान्वित योजना की समीक्षा करें ताकि उस में निरंतर सुधार किया जा सके।
> राष्ट्रीय योजनाओं के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उपयुक्त सुझाव की सिफारिश करना ताकि योजनाएं दिशाविहीन ना होकर सीधे लक्ष्य की तरफ अग्रसर हो।

आयोग द्वारा पंचवर्षीय योजना को पहले यूनियन केबिनेट के सामने पेश किया जाता है और इसकी संतुष्टि हो जाने के बाद इसे राष्ट्रीय विकास परिषद के पास मंजूरी के लिए भेजा जाता है । फिर इसे संसद में पेश किया जाता है तथा इसकी स्वीकृति मिलने के बाद इसे कानूनी रूप से सरकारी राजपत्र में प्रकाशित कर दिया जाता है ।

 क्या है राष्ट्रीय विकास परिषद का उद्देश्य ?

राष्ट्रीय विकास परिषद नीति आयोग का एक सलाहकार निकाय है। इसके के मुख्य उद्देश्यों की व्याख्या इस प्रकार है :-

> योजना में देश के प्रयासों को मजबूत बनाना और साथ ही साथ योजना के अनुकूल सभी संसाधनों को उपयुक्त करना ताकि योजना की निरंतरता में कमी नए आए।
> योजना के लिए सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आर्थिक नीतियों को मजबूत बनाना ताकि आर्थिक दृष्टि से योजना की निरंतरता में बाधा ना आए।
> देश के सभी भागों में योजना को सही ढंग से पेश करना तथा उसके लाभ को आम मनुष्य तक पहुंचाना और यह भी सुनिश्चित करना की देश के सभी भागों में विकास हो रहा है या नहीं और संतुलन भी स्थापित करना।
> राष्ट्रीय विकास परिषद का ये भी उद्देश्य है कि वह राज्य में योजनाओं के लिए उत्पन्न समस्याओं और विकास संबंधी मुद्दों पर बहस करने के लिए एक मंच प्रदान करना ताकि जल्द से जल्द इसका समाधान हो पाए।
> साथ ही साथ योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए राज्यों के सहयोग को सुरक्षित एवम् संरक्षित करना है। जिसके कारणवश योजनाओं का लाभ सामान्य लोगों तक पहुंच सके।

 राष्ट्रीय विकास परिषद की संरचना

राष्ट्रीय विकास परिषद में सम्मिलित होने वाले सदस्यों की व्याख्या इस प्रकार है :-

भारत देश का प्रधामंत्री :

राष्ट्रीय विकास परिषद में भारत का प्रधानमंत्री अहम भूमिका निभाता है और इसका अध्यक्ष भी होता है, योजनाओं को निर्धारित करता है और साथ ही साथ राष्ट्रीय विकास परिषद को आदेश भी देता है। जिससे वह लोगों के लिए लाभकारी योजनाएं बना सके।

 मंत्रिमंडल के सभी मंत्री :

सभी मंत्री प्रधानमंत्री के द्वारा निर्धारित योजनाओं पर अपनी बात रखते है और इसे बेहतर बनाने के लिए विचार विमर्श के साथ – साथ सलाह भी देते है।

सभी राज्यों के मंत्री :-

राष्ट्रीय विकास परिषद के पदेन सदस्य होते है। जो अपने राज्यों में आने वाले योजनाओं को और उनके समस्याओं का समाधान करने की कसिस करते है।

अतः हमें यह पता चलता है कि राष्ट्रीय विकास परिषद योजनाओं को सामान्य जनों के लिए उपलब्द ही नहीं कराता बल्कि उन योजनाओं को लाभकारी भी बनता है। जिससे योजना अपने पूर्व निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर सके और उन योजना को लागू करने का उद्देश्य भी पूरा हो सके। इस परिषद में प्रधानमंत्री समेत अन्य मंत्री भी अपनी भूमिका निभाते है। जिससे योजना अपने साकार रूप में उजागर हो

 निष्कर्ष ( conclusion ) 

दोस्तों हम आशा करते हैं कि आपको हमारी पोस्ट राष्ट्रीय विकास परिषद योजना NDC की संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो गई होगी। इसमें हमने एनडीसी अर्थात राष्ट्रीय विकास योजना के उद्देश्य एवं संरचना का भी पूरा उल्लेख किया है एवं संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई है और यदि आप अन्य जानकारियों से अवगत होना चाहते हैं तो हमारे पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके अवश्य बताएं।

2 COMMENTS

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