Bijali ka Avishkar kisne kiya kiya। Full details In hindi 2021

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Bijali ka Avishkar kisne kiya
Bijali ka Avishkar kisne kiya

Bijali ka Avishkar kisne kiya : आज के समय में बिजली ने जिस तरह से इंसान की दैनिक दिनचर्या बदल कर रख दी है वह वाकई में हैरत करने वाली है।

बिजली की उपलब्धता एवं इसकी उपयोगिता को देखते हुये आपके मन में यह सवाल जरूर से आता होगा की Bijali ka avishkar kisne kiya? तो हम बता दें कि बिजली के आविष्कार को लेकर अलग-अलग तरह के मनोवैज्ञानिक तथ्य मौजूद हैं।

यदि आप भी इस प्रश्न का हल निकालना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि Bijali ka Avishkar kisne kiya और किस प्रकार यह धीरे-धीरे अग्रसित होकर हमारे सामने इस स्थिति में मौजूद है,

तो आप बिल्कुल सही लेख पढ़ कर रहे हैं। हम आपको बिजली से जुड़े कई महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराने वाले हैं एवं दिए गए इस लेख में हम आपको Bijali ka Avishkar kisne kiya इसके बारे में भी संपूर्ण जानकारी देंगे।

बिजली का आविष्कार किसने किया? ( Bijali ka Avishkar kisne kiya )

यदि बात की जाए बिजली के आविष्कार की तो बता दें कि बिजली का आविष्कार बेंजामिन फ्रैंकलीन ने किया था। बिजली के आविष्कार का श्रेय बेंजामिन फ्रैंकलीन को ही जाता है।

बेंजामिन फ्रैंकलीन के बाद कई ऐसे आविष्कारक हुए जिन्होंने बिजली को और अधिक उन्नति की ओर पहुंचाया। आज बिजली ने इस तरह का रूप धारण कर लिया है कि हम चाह कर भी उसके बगैर अपने हाल दिनचर्या की कल्पना नहीं कर सकते क्योंकि कहीं ना

कहीं हम इसकी जाल में पूरी तरह से उलझ गए हैं और बड़े बड़े उद्योग धंधे के साथ-साथ आम दिनचर्या भी बिजली के बदौलत ही सुचारू रूप से चल सकती है।बिजली दुनिया की सबसे बड़ी खोजों में से एक है , जिसके बगैर जीने की हम कल्पना भी नहीं कर सकते।

यह विज्ञान का दिया ऐसा वरदान है जिससे कहीं ना कहीं बहुत से और आविष्कार जुड़े हुए हैं। बिजली ऊर्जा का ही एक रूप है जो कि अपने स्वाभाविक रूप में होती है।

बिजली कई तरह से बनती है जैसे दो कठोर वस्तु के आपस में टकराने से , सौर ऊर्जा से , वातावरण गर्म होने से , जल से , रसायनिक प्रतिक्रियाओं से ,पेट्रोल, कोयला तथा वायु आदि प्रकृति के विभिन्न उपकरणों से बिजली तैयार किया जाता है।

Bijali ka Avishkar kisne kiya
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विद्युत ऊर्जा के रूप में बिजली का बढ़ता महत्व:

जैसा की बिजली एक प्रकार की ऊर्जा है जिसका खोज किया गया और यूं कहें तो ऐसे समय में किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि आज बिजली इस प्रकार का रूप धारण कर लेगी जिसके वजह से इंसान की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह से बदल जाएगी।

बिजली की खोज की प्रक्रिया बहुत लंबी है। ऐसा माना जाता है कि विजिट टू बिजली की खोज 600 ई. में जब प्राचीन यूनानीयों ने सीखा की जीवाश्म वृक्ष पर घिसने से जो राल बनती है उससे वस्तुओं के बीच चुंबकत्व का निर्माण होता है। आज इसे स्थितिज ऊर्जा का नाम दिया गया है।

1930 के दशक में शोधकर्ताओं ने तांबे की चादरों और बर्तनों का इस्तेमाल कर प्राचीन बैटरियों की खोज की थी।

1600 ई.में विलियम गेट नामक एक अंग्रेजी चिकित्सक ने एक दूसरे के खिलाफ लड़ने वाली दो वस्तुओं के बीच घर्षण के लिए ‘इलेक्ट्रिक ‘ नामक शब्द का प्रयोग किया।

अंग्रेजी चिकित्सक विलियम गिलबर्ट के पश्चात थॉमस ब्राउन नामक एक अंग्रेजी वैज्ञानिक ने गिलबर्ट के कार्यों पर अपना शोध और निष्कर्ष को जारी रखा। ब्राउन ने विलियम गिलबर्ट के द्वारा किए गए शोध के लिए ‘बिजली’ शब्द का इस्तेमाल किया ।

इस प्रकार बिजली शब्द प्रचलित हुआ।1752 ई. में बेन फ्रेंकलिन नामक एक अंग्रेजी वैज्ञानिक ने यह निष्कर्ष दिया कि इलेक्ट्रिक स्पार्क और बिजली एक ही चीज का नाम है।

बिजली से हुआ इलेक्ट्रिक बैटरी का निर्माण:

अलेक्सांद्रो वोल्टा नामक एक इटालियन भौतिक शास्त्र ने इलेक्ट्रिक बैटरी का निर्माण किया।और उन्होंने यह सिद्ध किया की रसायनिक प्रतिक्रियाओं से भी बिजली बनाया जा सकता है ।

साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रिक चार्ज का स्थिर प्रवाह का पहला प्रयास भी किया था, पॉजिटिव चार्ज और नेगेटिव चार्ज कनेक्टर जोड़कर उनके माध्यम से वोल्टेज चलाकर बिजली बनाया जा सकता है।

इस बात को सर्वप्रथम वोल्टा ने ही प्रमाणित किया। वोल्टा के इस आविष्कार को आज भी काफी महत्व दिया जाता है और उनके द्वारा किए गए कार्य की प्रशंसा की जाती है।

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माइकल फैराडे और विद्युत प्रभाव का निर्माण:

1831 ई. में माइकल फैराडे ने चुंबक का उपयोग कर विद्युत प्रभाव का निर्माण किया था। उन्होंने एक चुंबक लिया जिसके अंदर तांबे का घूमाया हुआ तार जाने में सक्षम था। तांबे के तार के माध्यम से प्रवाह के छोटे अनुपात के विद्युत प्रवाह का निर्माण हुआ ।

इसके पश्चात उन्होंने व्यावहारिक तरीके से विद्युत प्रभाव उत्पन्न करने के लिए विद्युत जनरेटर का उपयोग किया। इसी प्रकार 1878 ई. में अमेरिकी वैज्ञानिक थॉमस एडिसन ने फिलामेंट लाइट बल्ब का आविष्कार किया।

यही कारण है कि आज के समय में विकास इतनी गतिशील अवस्था में है, जिसे चाहकर भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

इस प्रकार बिजली की खोज में केवल एक ही व्यक्तियों का योगदान नहीं है बल्कि बिजली के आविष्कारक के रूप में कई व्यक्ति जाने जाते हैं।

हमारे दैनिक जीवन मे बिजली का महत्व –

आज के समय में बिजली का हमारे जीवन में बहुत अधिक महत्व है । आज जब हम बिजली के बिना एक पल भी नहीं रह सकते वहीं दूसरी और हम बिजली का इस्तेमाल बेवजह कर इसका दुरुपयोग करते हैं।

आधुनिक युग की इस नए दौर में बिजली का महत्वपूर्ण योगदान है। कई आविष्कार , यंत्र , उपकरण आदि बिजली से ही जुड़े हुए है।

आजकल बिजली का दुरुपयोग भी बढ़ता ही जा रहा है ,जो कि आने वाले भविष्य के लिए बहुत बुरा सिद्ध होगा।

ऐसे में हमें जागरूक होने की सबसे ज्यादा जरूरत है ताकि हम भविष्य के लिए बिजली को सुरक्षित रख सके। बिजली को बेवजह बर्बाद ना करें तथा बिजली का इस्तेमाल हम अपनी जरूरत के हिसाब से करें।

निष्कर्ष ( Conclusion )

दोस्तों हम आशा करते हैं कि आपको हमारी पोस्ट Bijali ka Avishkar kisne kiya kiya काफी पसंद आई होगी क्योंकि इस पोस्ट में हमने बिजली से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की चर्चा की है और यह स्पष्ट कर दिया है कि Bijali ka Avishkar kisne kiya kiya यदि आप इसी से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताएं।

 

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